Ziyarat E Nahiya In Hindi Portable -
"आप अकेले थे, न कोई मददगार था, न कोई मदद करने वाला। आपने अपने पवित्र कंठ से पानी मांगा, लेकिन जालिमों ने आपको शहादत का जाम पिला दिया।"
मैं आप पर सुबह और शाम विलाप (शोक) करूँगा।
कुछ लोग गलती से इसे 'नाहिया' की बजाय 'नाहिया' (लंबी आवाज के साथ) पढ़ते हैं, जिसका अर्थ "हल्के क्षेत्र" होता है। ध्यान रखें: का अर्थ है - 'तरफ' या 'दिशा', यानि दूर से अरज़ की गई ज़ियारत। ziyarat e nahiya in hindi
यह ज़ीयारत प्राचीन और विश्वसनीय शिया किताबों में दर्ज है:
इस ज़ियारत में इमाम हुसैन (अ.स.) की प्यास, उनकी शहादत के बाद घोड़ों द्वारा उनके शरीर पर दौड़ना, और उनके परिवार की बेबसी का दर्दनाक वर्णन है। "आप अकेले थे
'नाहिया' (Nahiya) का अर्थ होता है "पवित्र स्थान या पवित्र क्षेत्र"। यह ज़ियारत इमाम मेहदी (अ.स.) की ओर से इमाम हुसैन (अ.स.) के लिए पढ़ी गई एक विशेष प्रार्थना (Ziarat) है। इसे QFatima जैसी वेबसाइटों पर "Ziyarat Al Nahiya Al Muqaddasa" के रूप में भी जाना जाता है।
इसमें इमाम हुसैन (अ.स.) के उच्च चरित्र, उनकी इबादत, रातों को जागकर नमाज़ पढ़ना, और दीन-ए-इस्लाम को बचाने के लिए उनके द्वारा दिए गए बलिदानों की विस्तार से चर्चा की गई है। न कोई मददगार था
"सलाम हो उस पर जिसके दिल के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। सलाम हो उस पर जिसके जिस्म की हड्डियों को घोड़ों से रौंदा गया। सलाम हो उस पर जिसका सिर दमिश्क के बाज़ारों में फिराया गया।"
कर्बला के शहीदों पर आँसू बहाना और उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लेना आत्मा को पवित्र करता है और गुनाहों से दूर रहने की प्रेरणा देता है। निष्कर्ष
ज़ियारत-ए-नाहिया को प्रमुख शिया विद्वानों ने अपनी किताबों में जगह दी है: Ziyarat Nahiya Duas.org
