इसके बाद यथाशक्ति 'लोगस्स' का काउस्सग्ग करें, स्तवन गाएं, 'थुई' (स्तुति) बोलें और खमासमण देकर वंदना पूरी करें।
आदिनाथ भगवान के प्रथम गणधर, जिन्होंने इसी पर्वत से मोक्ष प्राप्त किया था।
"हे प्रभु! अब मुझे कुछ नहीं चाहिए। न सुख, न दुख, न यश, न अपयश। बस आपके चरणों में लीन हो जाना है। यह मेरी अंतिम वंदना है।" palitana 5 chaityavandan in hindi full
जय तलेटी पहाड़ी के आधार पर स्थित एक पूजनीय चट्टान है, जो का प्रतिनिधित्व करती है। ऊपर से नीचे तक पूरी पहाड़ी की पूजा करना असंभव होने के कारण, तीर्थयात्री इस आधार चट्टान की पूजा करते हैं।
इस वंदन में श्रद्धालु व्रत लेता है- "आज पूरे दिन मैं बोलूंगा तो केवल प्रभु का नाम, खाऊंगा तो संयम से, और सोचूंगा तो केवल आत्मा की शुद्धि।" खाऊंगा तो संयम से
और 'जावंत केवि साहू' सूत्र बोलें।
1. पहला चैत्यवंदन: जय तलहटी (Jay Taleti) तो क्या आपको भी चाहिए?
यदि आप पालिताना की आगामी यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो क्या आपको भी चाहिए? या आप पालिताना के नव्वाणु (99) यात्रा विधि के बारे में जानना चाहते हैं? मुझे बताएं, मैं आपकी सहायता करूँगा। Share public link
परंपरा के अनुसार, सच्चे मन से ये 5 चैत्यवंदन करने से कर्मों की निर्जरा (नष्ट होना) होती है।